मानव जाति का सबसे बड़ा दुश्मन क्या है?
बुखार, अकाल और युद्ध — इतिहास में मानवता के तीन सबसे बड़े दुश्मन रहे हैं। इनमें से बुखार सबसे भयानक साबित हुआ है। कई बार एक छोटा सा बुखार महामारी बन गया, जिसने सैकड़ों हजारों लोगों की जान ले ली। अकाल ने भूखे पेट जीने की मजबूरी दी, तो युद्ध ने न केवल संपत्ति और जान का नाश किया, बल्कि मनुष्य के मन में नफरत की जड़ें गहराई से बैठा दीं।
लेकिन एक और दुश्मन है, जो दिखाई नहीं देता, फिर भी सबसे खतरनाक है — कामना या इच्छा। जब इंसान की इच्छाएँ अनंत हो जाती हैं, तो वह बस अपने लिए, अपने फायदे के लिए सोचने लगता है। जब इन इच्छाओं को पूरा नहीं होता, तो क्रोध पैदा होता है, और क्रोध मनुष्य को अंधा कर देता है।
कई बार तो इंसान इतना लालची हो जाता है कि भगवान को भी भूल जाता है। वह उसकी तलाश में भी नहीं होता, जब तक उसे कुछ चाहिए। इसलिए कहा गया है कि इच्छा ही मनुष्य की सबसे बड़ी कमजोरी और असली
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