भारत की पहली शिक्षिका और समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले

भारत की महान महिलाओं में सावित्रीबाई फुले का नाम सबसे ऊपर आता है। 22 अगस्त 2022 को उनकी जयंती पर भी उन्हें याद किया गया, लेकिन वास्तव में उनकी विरासत हर दिन याद करने लायक है।

जन्म 1831 में हुआ था, लेकिन बचपन में ही सावित्रीबाई ने शिक्षा के प्रति अपना जुनून दिखाया। उस जमाने में जब लड़कियों को पढ़ना तक गुनाह माना जाता था, तब सावित्रीबाई ने हिम्मत दिखाई। उन्होंने अपने पति ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर 1848 में पुणे में भारत की पहली महिला विद्यालय खोली।

लड़कियों के अधिकार के लिए लड़ी, छुआछूत के खिलाफ आवाज़ उठाई, और विधवाओं की मदद के लिए आश्रम बनाया। उन्होंने महिलाओं को न केवल पढ़ाया, बल्कि उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए।

आज जब हम लड़कियों को स्कूल जाते देखते हैं, तो उनकी याद आती है। सावित्रीबाई फुले सिर्फ एक शिक्षिका नहीं थीं—वे एक क्रांति थीं। उनका नाम भारत के इत

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय