चंद्रमा के माता-पिता कौन हैं?

हिंदू पुराणों में चंद्रमा, जिन्हें सोम भी कहा जाता है, के जन्म के कई अद्भुत कथाओं का वर्णन मिलता है। इनमें से एक प्रमुख कथा के अनुसार, चंद्रमा ऋषि अत्रि और उनकी पत्नी अनुसूया के पुत्र हैं। ये त्रिमूर्ति के समान तीन पुत्रों में से एक माने जाते हैं।

ऋषि अत्रि और अनुसूया के आश्रम में तप के बल पर उत्पन्न हुए चंद्रमा, जो बाद में आकाश के शोभा और समय के नियंत्रक बने। उनके भाई दत्तात्रेय और दुर्वासा भी महान तापस्वी और शक्तिशाली ऋषि थे। यह कथा दर्शाती है कि कैसे तप, ब्रह्मचर्य और त्याग के बल पर ऐसी दिव्य उत्पत्ति हो सकती है।

वहीं, पद्म पुराण में चंद्र के जन्म का एक अन्य वृतांत मिलता है। इसके अनुसार, सृष्टि के आरंभ में देवताओं और ऋषियों ने समुद्र मंथन के दौरान चंद्रमा को उत्पन्न होते देखा। इस रूप में वे अमृत के समान एक दिव्य उपहार हैं, जो सृष्टि के सौंदर्य और चक्रों को नियंत्रित करते हैं।

इन कथाओं के माध्यम से स्पष्ट ह

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