राधा जी का पिछला जन्म कौन था?

श्रीकृष्ण की प्रियतमा राधा जी के बारे में कई अलौकिक कथाएँ प्रचलित हैं। कहा जाता है कि वे भगवान श्रीकृष्ण से साढ़े ग्यारह माह बड़ी थीं। यह विशेषता उनके प्रेम और त्याग की गहराई को और भी अनोखा बनाती है।

राधा जी को भगवान विष्णु की पत्नी लक्ष्मी का ही अवतार माना जाता है। जब भगवान कृष्ण ने धरती पर अवतार लिया, तो उनके साथ उनके स्वर्गीय परिवार के सदस्य भी जन्मे। इसी क्रम में लक्ष्मी जी ने राधा के रूप में धरती पर प्रकट होकर श्रीकृष्ण के साथ प्रेम का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया।

भक्तों के अनुसार, राधा केवल एक गोपी नहीं, बल्कि भक्ति और प्रेम की जीवंत मूर्ति थीं। उनका प्रेम निःस्वार्थ था, बिना किसी शर्त के। यही कारण है कि आज भी लाखों हृदय उनके नाम को सुनकर भाव-विभोर हो जाते हैं।

कृष्ण और राधा का प्रेम धर्म नहीं, भावना के स्तर पर उठकर एक आध्यात्मिक बंधन बन गया। कई पुराणों और संत-काव्यों में राधा को लक्ष्मी का ही अवतार

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