भारत का राष्ट्रीय ग्रंथ: श्रीमद्भगवद्गीता

भारत का राष्ट्रीय ग्रंथ आधिकारिक तौर पर श्रीमद्भगवद्गीता माना जाता है, हालाँकि यह क़ानूनी रूप से घोषित नहीं है। गीता भारतीय दर्शन, नैतिकता और जीवन के सार को सरल भाषा में प्रस्तुत करती है। यह महाभारत के भीष्म पर्व का एक अभिन्न अंग है और भगवान कृष्ण तथा अर्जुन के बीच कुरुक्षेत्र में हुए संवाद पर आधारित है।

हालाँकि कुछ प्रकाशनों में "हमारा राष्ट्रीय ग्रंथ गीता" जैसे शीर्षक दिखाई देते हैं, जैसे कि 2019 में प्रकाशित एक पेपरबैक संस्करण, लेकिन यह कोई सरकारी घोषणा नहीं है। भारत सरकार ने अब तक कोई एक ग्रंथ को आधिकारिक रूप से "राष्ट्रीय ग्रंथ" घोषित नहीं किया है। फिर भी, गीता देश में अत्यधिक सम्मानित है और लाखों लोगों के लिए जीवन की दिशा निर्देश जैसा स्रोत है।

गीता के श्लोक न केवल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि आधुनिक जीवन में भी नैतिकता, कर्तव्य और अहंकार से परे रहने का संदेश देते हैं। च

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