मां काली: माँ दुर्गा का ही विकराल स्वरूप

मां काली हिंदू धर्म में शक्ति की देवी के रूप में पूजी जाती हैं। वे माँ दुर्गा के ही एक विकराल और तेजस्वी रूप हैं। जब असुरों और दुष्ट शक्तियों ने देवताओं और धरती पर अधर्म का बोलबाला कर दिया, तब माँ ने इनका विनाश करने के लिए काली रूप धारण किया।

पुराणों के अनुसार, माँ काली का उद्भव माँ दुर्गा के क्रोध से हुआ था, जब वह राक्षस महिषासुर और अन्य दानवों से युद्ध कर रही थीं। कई कथाओं में बताया गया है कि जब देवी के क्रोध की आग इतनी प्रचंड हुई, तो उसी से काली का जन्म हुआ। उनका काला वस्त्र, लंबे बाल, गले में मुंडमाला और जीभ पर लहू — सब कुछ उनके विनाशक रूप को दर्शाता है।

मां काली का यह रूप दुष्टों के विनाश के लिए है, न कि निर्दोषों के लिए।

उनकी पूजा विशेष रूप से काली पूजा, दुर्गापूजा और दीपावली के समय की जाती है। बंगाल, असम और ओडिशा में तो मां काली के प्रति गहरी भक्ति देखने को मिलती है। उनकी मूर्ति डरावनी लग स

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