यशोदा का पिछला जन्म और वेंकटेश्वर के साथ उनका संबंध
यशोदा, जिन्हें भगवान कृष्ण की पालनहार माँ के रूप में जाना जाता है, ने उनके साथ एक गहरा प्रेम संबंध साझा किया। श्रीमद्भागवत पुराण और अन्य धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, कृष्ण ने यशोदा से वादा किया था कि वह अगले युग में भी उनकी आँखों के सामने ही विवाह का आयोजन करेंगे।
इसी प्रतिज्ञा को पूरा करते हुए, कलियुग में जब कृष्ण ने वेंकटेश्वर के रूप में अवतार लिया, तब यशोदा का जन्म वकुला देवी के रूप में हुआ। वकुला देवी के रूप में, उन्होंने वेंकटेश्वर की माँ का रूप धारण किया और उनके विवाह का साक्षी बनीं।
यह विवाह राजकुमारी पद्मावती के साथ हुआ, जो लक्ष्मी की अवतार के रूप में मानी जाती हैं। तिरुमला में इस पावन संगम की कथा आज भी भक्तों के बीच प्रेरणा का स्रोत है।
यह कथा सिर्फ एक जन्म-जन्मांतर की नहीं, बल्कि अटूट प्रेम और विश्वास की गाथा है। यशोदा के माधुर्य भरे प्रेम को कृष्ण ने
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