श्रीकृष्ण की मृत्यु और उनकी आयु

भगवान श्रीकृ्ण की मृत्यु का वृत्तांत अत्यंत दुखद है। जब उनका राज्य द्वारका में अंत निकट आया, तो वे एक पीपल के पेड़ के नीचे विश्राम कर रहे थे। उसी समय एक बहेलिया जरा नाम के व्यक्ति ने उन्हें हिरण समझकर दूर से तीर चला दिया। वह तीर श्रीकृष्ण के पैर में जा लगा। यह कोई सामान्य घटना नहीं थी, बल्कि एक दैवीय योजना का हिस्सा मानी जाती है, जिसके माध्यम से कृष्ण ने इस धरा को छोड़ने का मार्ग चुना।

श्रीकृष्ण की आयु कितनी थी?

मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण का जन्म 3112 ईसा पूर्व में हुआ था। उनके तिरोहार के समय वे लगभग 125 वर्ष के थे। कुछ पुराणों में इस आयु को लेकर अलग-अलग मत हैं, परंतु अधिकांश स्रोत 125 वर्ष को ही स्वीकार करते हैं।

इस प्रकार, श्रीकृष्ण ने न केवल अपने जीवनकाल में धर्म, नीति और प्रेम का संदेश दिया, बल्कि अपने अंत के माध्यम से भी यह बताया कि मृत्यु सभी के लिए अपरिहार्य है — चाहे वह मनुष्य हो

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