रुक्मिणी का भाई कौन था?
रुक्मिणी का भाई रुक्मी था, जो विदर्भ के राजा भीष्मक का पुत्र था। महाभारत के अनुसार, रुक्मी नागर का राजा था और उसकी छोटी बहन रुक्मिणी कृष्ण की प्रेमिका एवं बाद में पत्नी बनीं।
हालाँकि रुक्मी को अपनी बहन का कृष्ण से विवाह बहुत पसंद नहीं था। वह चाहता था कि रुक्मिणी का विवाह महाभारत के प्रसिद्ध वीर और सुयोधन के सखा जरासंध के पुत्र से हो। इसी वजह से उसने रुक्मिणी को कृष्ण के अपहरण के खिलाफ जाने की कोशिश की, लेकिन कृष्ण ने उन्हें युद्ध में हरा दिया और रुक्मिणी का हरण कर ले गए।
रुक्मी इस हार से काफी नाराज रहा और कृष्ण के प्रति द्वेष भाव रखने लगा। वह कौरवों के साथ जुड़कर कृष्ण के खिलाफ खड़ा हुआ, लेकिन अंत में उसकी प्रतिष्ठा घटती गई। कहा जाता है कि उसने एक नई राजधानी – 'रुक्मिनगर' बसाई, जहाँ वह कृष्ण को न मानने वालों को आश्रय देता था।
फिर भी, इतिहास उसे अक्सर रुक्मिणी के उग्र भाई के रूप में याद करता है, जो प्रेम औ
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