क्या सच में थीं श्रीकृष्ण की 16,108 पत्नियां?
अक्सर लोग हैरान होते हैं – कैसे एक ही व्यक्ति की इतनी पत्नियां हो सकती हैं? लेकिन यह कहानी संख्या से कहीं ज्यादा गहरी है। श्रीकृष्ण के अनेक पत्नियों के पीछे कोई भौतिक इच्छा नहीं, बल्कि धर्म और सम्मान की भावना छिपी है।
प्राचीन काल में, युद्ध के दौरान कई महिलाओं का अपहरण कर लिया जाता था। उस समय समाज में ऐसी महिलाओं को लेकर एक अपमानजनक दृष्टिकोण था, भले ही वे बेकसूर हों। जब कंस के अत्याचारों के बाद अनेक महिलाएं मुक्त हुईं, तो उन्हें समाज में जगह नहीं मिल रही थी।
तब श्रीकृष्ण ने उनके सम्मान को बचाने के लिए उनसे विवाह किया। यह कोई साधारण शादी नहीं थी। यह एक धार्मिक और नैतिक कदम था। इससे उन महिलाओं को रानी का दर्जा मिला और कोई भी उन पर उंगली नहीं उठा सकता था।
इस तरह धीरे-धीरे उनकी 16,108 पत्नियां हो गईं। यह संख्या भले ही विस्मयकारी लगे, लेकिन इसके पीछे का उद्देश्य था – स्त्री के सम्मान की
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