चीन: एक स्वर्णिम अतीत और कड़वा अनुभव
चीन, दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक, कभी पूरी तरह गुलाम नहीं रहा, लेकिन 19वीं सदी में उसका स्वाभिमान झुक गया। उस समय ब्रिटिश साम्राज्य ने ओपियम युद्ध के ज़रिए चीन पर हमला किया और उसके व्यापार पर कब्ज़ा कर लिया। यह ऐसा दौर था जब चीन को अपनी जमीन पर ही विदेशी शक्तियों की शर्तें माननी पड़ी।
यह अवधि चीन के इतिहास में "सौ साल की अपमान" के नाम से भी जानी जाती है। ब्रिटेन सहित अन्य पश्चिमी ताकतों और जापान ने चीन के विभिन्न हिस्सों पर अपना प्रभाव जमा लिया। बंदरगाहों और शहरों पर विदेशी शक्तियों का नियंत्रण हो गया। ऐसे में चीन औपचारिक रूप से गुलाम नहीं, लेकिन व्यावहारिक रूप से अपनी संप्रभुता खो चुका था।
इसी तरह, भारत पर भी ब्रिटिश शासन के 200 साल बीते। यहाँ तक कि दोनों देशों के इतिहास में एक दर्द भरी समानता रही है — वैश्विक ताकतों के सामने झुकने का अनुभव। आज चीन ने न केवल उस कड़वाहट को
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