भारत और रूस: एक गहरा रणनीतिक संबंध
भारत और रूस के बीच संबंध सिर्फ वर्तमान की बात नहीं, बल्कि इतिहास की गहरी जड़ों से जुड़े हुए हैं। शीत युद्ध के दौरान भारत और सोवियत संघ के बीच मज़बूत तालमेल था। सोवियत संघ ने भारत को सैन्य, आर्थिक और तकनीकी मदद दी, जिसने दोनों देशों के बीच विश्वास की नींव डाली।
1991 में सोवियत संघ के टूटने के बाद भी यह संबंध टूटा नहीं। बल्कि, रूस ने उस विरासत को आगे बढ़ाया और भारत के साथ एक विशेष सामरिक साझेदारी कायम रखी। आज भी रूस भारत के लिए रक्षा उपकरणों का प्रमुख आपूर्तिकर्ता है। सुखोई लड़ाकू विमान, ताइपून टैंक और एस-400 मिसाइल प्रणाली जैसे उदाहरण इसी दृढ़ता के हैं।
इसके अलावा, दोनों देश अंतरराष्ट्रीय मंचों जैसे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) और BRICS में एक साथ काम करते हैं। भारत के लिए रूस ऊर्जा सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, खासकर तेल और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में।
हालांक
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