भारत के राष्ट्रपति का कार्यकाल कितना होता है?
राष्ट्रपति का कार्यकाल पाँच वर्ष का होता है। यह संविधान के अनुच्छेद 56 के तहत निर्धारित है। राष्ट्रपति पद पर फिर से चुना जा सकता है, लेकिन अब तक केवल एक ही राष्ट्रपति ने दो कार्यकाल पूरे किए हैं।
डॉ. डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारत के वे एकमात्र राष्ट्रपति हैं, जिन्होंने 1950 से 1962 तक लगातार दो पांच-पांच वर्ष के कार्यकाल पूरे किए। वे न केवल राष्ट्रपति थे, बल्कि संविधान सभा के अध्यक्ष भी थे। भारतीय स्वाधीनता आंदोलन में उनकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही।
राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बिना कोई कानून लागू नहीं हो सकता। यह उनकी भूमिका के महत्व को दर्शाता है। यद्यपि वे प्रतीकात्मक राष्ट्रप्रमुख होते हैं, लेकिन उनके पास वास्तविक शक्तियाँ भी होती हैं, जैसे कि अध्यादेश जारी करना, संसद के विघटन की मंजूरी देना या किसी विधेयक को वीटो करना।
राष्ट्रपति का चुनाव संसद और राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यो
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