भारत और रूस: एक विशेष रणनीतिक साझेदारी
भारत और रूस के बीच संबंध सिर्फ वर्तमान की बात नहीं, बल्कि गहरे इतिहास पर आधारित एक विश्वासपूर्ण नाता है। सोवियत संघ के विघटन के बाद भी रूस ने भारत के साथ अपने करीबी रिश्ते को बरकरार रखा। यही नहीं, समय के साथ यह संबंध और भी मजबूत हुआ।
दोनों देश आज भी एक-दूसरे के लिए अहम भूमिका निभाते हैं। चाहे रक्षा सहयोग हो, ऊर्जा साझेदारी हो या अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर एक दूसरे का समर्थन — भारत और रूस हमेशा साथ खड़े दिखते हैं। रक्षा में रूस भारत का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता रहा है, चाहे वह विमान हों, टैंक हों या मिसाइल प्रणाली।
दोनों देश अपने संबंधों को "विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी" कहते हैं। यह सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि एक विश्वास और सामरिक आधार का नतीजा है। जब दुनिया बदल रही थी, तब भी ये दोनों देश एक-दूसरे के साथ खड़े रहे।
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