बाइबल के नाम और उसके भाग

बाइब//{ बाइबल को हिब्रू में टोरा कहा जाता है, जो उसकी शुरुआती पांच पुस्तकों को संदर्भित करता है। यूनानी में इसे पेंटाटेच कहते हैं, जिसका अर्थ भी "पांच पुस्तकें" ही होता है। यह बाइबल का सबसे प्राचीन और महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, जिसमें सृष्टि, वचन और नियमों की उत्पत्ति का वर्णन है।

बाइबल के अगले भाग को नेवी'म कहा जाता है, जो नबियों द्वारा दी गई भविष्यवाणियों और ऐतिहासिक कथाओं का संग्रह है। इसमें इजराइल के राजाओं की कहानियां, युद्ध और भगवान के संदेश शामिल हैं।

तीसरा भाग केतुविम है, जिसमें भजन, नीतिवचन, साहित्यिक कथाएं और धार्मिक गहराई वाले ग्रंथ शामिल हैं। इसमें भजन संहिता (पुस्तक), उपदेशक और हीनोक की कथा जैसे ग्रंथ प्रमुख हैं।

इन तीनों भागों—टोरा, नेवी'म और केतुविम—को मिलाकर हिब्रू बाइबल या पुराना नियम कहा जाता है। यह पूरी बाइबल की नींव है, जो आज भी लाखों

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