कुरान कितने साल पुरानी है?

कुरान मुसलमानों के लिए सर्वोच्च धार्मिक ग्रंथ है। उनके अनुसार, यह अल्लाह की ओर से भेजा गया अंतिम संदेश है, जो पैगंबर मुहम्मद को धीरे-धीरे प्रकट हुआ। इसका प्रकटीकरण 7 वीं शताब्दी में, लगभग 610 ईस्वी से शुरू होकर 632 ईस्वी तक यानी पैगंबर के जीवनकाल तक जारी रहा।

शुरुआत में कुरान का प्रसार मौखिक रूप से ही होता था। लोग इसे याद करके पढ़ते और सुनाते थे। लेकिन पैगंबर मुहम्मद के निधन के बाद, इसे सुरक्षित रखने की जरूरत महसूस की गई। इसलिए सन् 633 में पहली बार इसे लिखित रूप दिया गया।

बाद में, खलीफा उस्मान के शासनकाल में, लगभग सन् 653 में, कुरान को मानकीकृत किया गया। इसकी एक मान्य प्रति तैयार की गई और फिर इस्लामी साम्राज्य के विभिन्न हिस्सों में इसकी प्रतियाँ भेजी गईं।

आज से लगभग 1400 साल पहले लिखे गए इस ग्रंथ को मुसलमान आज भी मूल रूप में पढ़ते हैं। न इसमें कोई बदलाव हुआ है, न ही इसकी भाषा या संरचना में कोई कमी आई है।

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