मूलांक और भाग्यांक: कौन है ज्यादा महत्वपूर्ण?
अंक ज्योतिष में मूलांक और भाग्यांक दोनों ही बहुत महत्व रखते हैं, लेकिन अगर सवाल उठे कि कौन सा अधिक महत्वपूर्ण है, तो ज्यादातर विद्वान भाग्यांक को प्राथमिकता देते हैं।
मूलांक व्यक्ति की जन्म तारीख के अंकों को जोड़कर निकाला जाता है। जैसे, अगर कोई 21 तारीख को पैदा हुआ है, तो मूलांक होगा 2 + 1 = 3। यह अंक व्यक्ति के स्वभाव, बल और कमजोरियों को दर्शाता है।
लेकिन भाग्यांक थोड़ा अलग है। इसे जन्म तिथि, महीना और वर्ष तीनों को जोड़कर एक अंक बनाकर निकाला जाता है। उदाहरण के लिए, 16 अगस्त, 1992 को जन्मे व्यक्ति का भाग्यांक होगा: 1+6 (तारीख) + 8 (महीना) + 1+9+9+2 (वर्ष) = 36, फिर 3+6 = 9। यह अंक व्यक्ति के जीवन के मार्ग, भाग्य और भविष्य की दिशा को दर्शाता है।
कई ज्योतिषी मानते हैं कि भाग्यांक पूरे जीवन की ऊर्जा को दर्शाता है, इसलिए यह मूलांक से अधिक व्यापक औ
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