बच्चे के जन्म की प्रक्रिया समझें

प्रसव का अर्थ होता है बच्चे को जन्म देना या जनन। जब गर्भावस्था का निश्चित समय पूरा हो जाता है, आमतौर पर 9 महीने के आसपास, तो माँ के शरीर में प्रसव की प्रक्रिया स्वाभाविक रूप से शुरू हो जाती है। अगर बच्चे का जन्म बिना किसी बड़ी रूकावट या जटिलता के होता है, तो उसे साधारण या सरल प्रसव कहा जाता है।

बच्चे के जन्म की प्रक्रिया को ध्यान से देखें तो यह तीन मुख्य चरणों में पूरी होती है। पहला चरण है संभोग के खुलने का – इसमें गर्भाशय की लहरें आने लगती हैं और धीरे-धीरे गर्भद्वार खुलने लगता है। दूसरा चरण है बच्चे का बाहर आना। इस दौरान माँ को धक्के लगते हैं और बच्चा धीरे-धीरे जन्म लेने के लिए आगे बढ़ता है। तीसरा और अंतिम चरण है नाल का निकलना, जब बच्चे के जन्म के बाद प्लेसेंटा (माँ का पैड) शरीर से बाहर आ जाता है।

हर बच्चे का जन्म एक अद्भुत और भावुक पल होता है। चाहे प्रसव प्राकृतिक हो या सी-सेक

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