चरण स्पर्श करने का सही तरीका
चरण स्पर्श हमारी संस्कृति में आदर और विनम्रता का गहरा प्रतीक है। जब हम किसी संत, गुरु या बुजुर्ग के पैर छूते हैं, तो वह केवल एक रीति नहीं, बल्कि आत्मिक झुकाव का प्रकाशन होता है। इस क्रिया में हम अपने अहंकार को त्यागकर विनम्रता को अपनाते हैं।
चरण स्पर्श करते समय दोनों हाथों से अपने सिर को उस व्यक्ति के पैरों तक ले जाना चाहिए। शरीर के ऊपरी हिस्से को झुकाते हुए आदरपूर्वक पैर छुए जाने चाहिए। यह केवल शारीरिक झुकाव नहीं, बल्कि मन की शुद्धता और सम्मान का प्रकाश भी है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि चरण स्पर्श केवल आदर के भाव से ही किया जाना चाहिए। बिना मन लगाए किया गया झुकाव निष्फल होता है। इसमें हृदय की नम्रता और आदर की भावना होनी चाहिए। इससे न केवल सम्मानित व्यक्ति प्रसन्न होते हैं, बल्कि झुकने वाले को भी आंतरिक शांति और आशीर्वाद की अनुभूति होती है।
हमारे पुराणों और गुरु-शिष्य परंपरा में चरण स्पर्श को विशेष स्थान प्राप
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