भारत में अधिक पैसा क्यों नहीं छापा जा सकता?
कई बार लोगों के मन में सवाल आता है कि अगर देश में पैसे की कमी है, तो सरकार सिर्फ अधिक करेंसी क्यों नहीं छाप देती? दरअसल, यह सवाल काफी सही है, लेकिन इसका जवाब इतना सीधा नहीं है।
अगर सरकार बिना वजह के ज्यादा पैसा छापने लगे, तो इससे बड़ी परेशानी पैदा हो सकती है — महंगाई।जब बाजार में अचानक ज्यादा पैसा आता है, तो लोगों के पास खर्चने के लिए अधिक धन हो जाता है। लेकिन अगर उतनी ही मात्रा में सामान उपलब्ध नहीं है, तो मांग बढ़ जाती है। और जब मांग बढ़ती है, तो कीमतें भी ऊपर चली जाती हैं। इसे ही महंगाई कहते हैं।
इतिहास में कई देशों ने ऐसा किया है — पैसा बहुत ज्यादा छापा, और नतीजा भुगतना पड़ा। जैसे जिम्बाब्वे और वेनेजुएला में ऐसा ही हुआ था। वहाँ पैसा इतना सस्ता हो गया कि लोगों को सामान खरीदने के लिए बैग में नोट ले जाने पड़ते थे।
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