कोहिनूर हीरा आज कहाँ है?

कोहिनूर हीरा भारत के इतिहास में एक प्रतीक के रूप में जाना जाता है। यह हीरा कई शासकों के हाथों में रहा, लेकिन आधुनिक इतिहास में इसका सबसे दुखद मोड़ 1849 में आया। उस साल अंग्रेजों ने पंजाब पर कब्जा कर लिया और लाहौर संधि पर हस्ताक्षर हुए। इसके बाद गवर्नर जनरल लॉर्ड डलहौजी ने व्यवस्था की कि महाराजा रणजीत सिंह के उत्तराधिकारी, छोटे राजकुमार दिलीप सिंह, कोहिनूर हीरा ब्रिटिश महारानी विक्टोरिया को भेंट में दें।

1850-51 के बीच यह हीरा आधिकारिक तौर पर ब्रिटेन को सौंप दिया गया। तब से यह इंग्लैंड में ही रहा है। आज यह ब्रिटिश क्राउन ज्वेल्स का हिस्सा है और लंदन के टावर ऑफ लंदन में प्रदर्शित किया जाता है।

कोहिनूर का मतलब होता है 'पृथ्वी का आलोक'। यह नाम उसकी चमक और विशिष्टता को दर्शाता है। हीरा भारत, ईरान, अफगानिस्तान और फिर ब्रिटेन के हाथों में रहा, लेकिन भारतीय जनमानस में यह अभी भी एक खोई हुई विरासत का प्रतीक है। कई ब

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