भारत में राष्ट्रवाद का उदय कैसे हुआ?
भारत में राष्ट्रवाद का जन्म आधुनिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण मोड़ था। यह कोई अचानक उभरा हुआ विचार नहीं था, बल्कि लंबे समय तक चले उपनिवेशवादी शासन की प्रतिक्रिया के रूप में विकसित हुआ।
ब्रिटिश शासन के दौरान पाश्चात्य शिक्षा का विस्तार हुआ, जिससे एक नया मध्यवर्ग उभरा। यही वर्ग आगे चलकर राष्ट्रवादी सोच का केंद्र बना। अंग्रेजी सीखने से न सिर्फ नए विचारों का आदान-प्रदान हुआ, बल्कि भारतीयों में अपने अधिकारों को लेकर जागरूकता भी आई।
रेलवे का विस्तार भी एक महत्वपूर्ण घटना थी। इसने न केवल दूर-दूर तक यात्रा को आसान बनाया, बल्कि भारत के विभिन्न हिस्सों के लोगों को एक-दूसरे के करीब लाया। इससे एक राष्ट्रीय पहचान का अहसास धीरे-धीरे जागने लगा।
उस दौरान चले सामाजिक और धार्मिक सुधार आंदोलन भी राष्ट्रवाद को बल देने में अहम रहे। राजा राममोहन राय, स्वामी दयानंद, विवेकानंद जैसे लोगों ने न सिर्फ प
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