लाल चंदन क्यों है इतना महंगा?
लाल चंदन, जिसे अंग्रेजी में रेड सैंडलवुड कहा जाता है, दुनिया की सबसे महंगी लकड़ियों में से एक है। इसकी लागत कई बार बहुमूल्य धातुओं जैसे सोने-चांदी से भी आगे निकल जाती है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर यह इतना महंगा क्यों है?
सबसे पहली वजह है – इसकी दुर्लभता। लाल चंदन का पेड़ पेरिसमेंट्रम सांटलीनम केवल भारत के कुछ हिस्सों, खासकर आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के पहाड़ी इलाकों में ही पाया जाता है। यह बहुत धीमी गति से बढ़ता है और पूरी परिपक्वता तक पहुंचने में 20 से 30 साल लग जाते हैं।
इसकी लकड़ी घनी, भारी और लाल-भूरे रंग की होती है, जो समय के साथ और भी गहरी हो जाती है। इसकी सुगंध भी अनोखी होती है, जिसके कारण यह अयुर्वेदिक उत्पादों, इत्र और धार्मिक वस्तुओं के निर्माण में बहुत पसंद किया जाता है।
लेकिन यहीं से नहीं रुकता कहानी। लाल चंदन की अमूर्त कीमत के कारण अवैध कटान और तस्करी भी बहुत बढ़ गई है। इसके क
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