नींद के देवता कौन हैं?
प्राचीन काल में नींद को दैवीय शक्ति माना जाता था, और इसके पीछे एक देवता या देवी का हाथ माना जाता था। हिंदू पौराणिक कथाओं में सीधे तौर पर "नींद का देवता" नाम से कोई विशिष्ट देवता नहीं है, लेकिन निद्रा को एक शक्ति या अवस्था के रूप में देखा गया है। कई बार निद्रा को यम या विष्णु से जोड़ा जाता है।
महाभारत में एक जगह आता है कि भगवान विष्णु की नाभि से ब्रह्मा उत्पन्न होते हैं, और यह तब होता है जब विष्णु योग निद्रा में सोए होते हैं। यह निद्रा कोई सामान्य नींद नहीं बल्कि एक दिव्य अवस्था है। इसलिए विष्णु को कभी-कभी नींद के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है।
प्राचीन यूनानी पौराणिक कथाओं में नींद के देवता का नाम हिप्नोस था, जो अंधकार के देवता एरेबस के पुत्र थे। वह नींद को नियंत्रित करते थे और मनुष्यों तक नींद पहुँचाते थे।
हालाँकि भारतीय संदर्भ में नींद की कोई विशिष्ट देवी नहीं है, लेकिन कुछ स्थानीय मान्यताओं म
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