ब्रह्मांड में कितने सूरज हैं?

जब हम दिन के समय साफ आसमान की ओर देखते हैं, तो हमें केवल एक ही सूरज दिखाई देता है। यही वह तारा है जो हमारी पृथ्वी को रोशनी और ऊर्जा देता है, जिससे यहाँ जीवन संभव हो पाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि क्या पूरे ब्रह्मांड में सचमुच सिर्फ एक ही सूरज है? विज्ञान की नजर से देखें तो इसका जवाब आपको हैरान कर सकता है।

असल में, हमारा सूरज और कुछ नहीं बल्कि एक तारा है। अंतरिक्ष विज्ञान के अनुसार, रात के अंधेरे में आसमान में टिमटिमाते हुए जो अनगिनत तारे हमें दिखाई देते हैं, वे सभी अपने आप में एक सूरज हैं। इनमें से कई तारे तो हमारे सूरज से भी विशाल और कहीं ज्यादा चमकदार हैं। वे हमसे अरबों-खरबों किलोमीटर दूर हैं, इसलिए वे हमें छोटे डॉट्स की तरह दिखाई देते हैं।

हमारी अपनी आकाशगंगा (मिल्की वे) में ही ऐसे अरबों-खरबों तारे मौजूद हैं। वैज्ञानिक खोजों से पता चला है कि इन तारों के पास भी पृथ्वी की तरह अपने-अपने ग्रह हैं, जो उनके चक्कर लगाते हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि इस अनंत ब्रह्मांड में अनगिनत सूरज मौजूद हैं। हमारी पृथ्वी के लिए भले ही एक ही सूरज है, लेकिन अंतरिक्ष की विशाल दुनिया में ऐसे सूर्यों की कोई गिनती नहीं है।

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