भारत और चीन की सीमा: मैकमोहन रेखा
भारत और चीन के बीच की सीमा को लेकर अक्सर चर्चा होती है। दोनों देशों के बीच की इस अंतर्राष्ट्रीय सीमा का मुख्य हिस्सा मैकमोहन रेखा के नाम से जाना जाता है।
यह रेखा भारत के उत्तर-पूर्वी हिस्से और तिब्बत के बीच निर्धारित की गई थी। इस सीमा रेखा का नामकरण ब्रिटिश कर्नल और सर्वेक्षक सर हेनरी मैकमोहन के नाम पर हुआ था, जिन्होंने 1914 के शिमला सम्मेलन में इस सीमा रेखा को तय करने में अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि, चीन इस रेखा को लेकर अपनी अलग आपत्तियां और दावे रखता है, जिसके कारण यह सीमा कूटनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील मानी जाती है।
ऐतिहासिक और भौगोलिक दृष्टिकोण से यह रेखा भारत की सुरक्षा और भू-राजनीति में एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रखती है।
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