रूस और मध्य पूर्व से भारत का कच्चा तेल आयात
भारत अपनी बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए दुनिया के विभिन्न देशों से कच्चे तेल का आयात करता है। वैश्विक राजनीतिक बदलावों और बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच भारत की तेल आपूर्ति रणनीतियों में महत्वपूर्ण बदलाव देखे गए हैं, विशेष रूप से मध्य पूर्व और रूस से होने वाले आयात के आंकड़ों में।
हालिया आंकड़ों के अनुसार, मध्य पूर्व के देशों से भारत का कच्चा तेल आयात घटकर लगभग 2.2 मिलियन बैरल प्रति दिन (bpd) रह गया, जो कि अगस्त की तुलना में 16.2% की सीधी गिरावट को दर्शाता है। इसके ठीक विपरीत, पिछले दो महीनों में आई कमी के बाद रूस से भारत का तेल आयात 4.6% बढ़कर लगभग 896,000 बैरल प्रति दिन तक पहुंच गया।
रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद रूस द्वारा दिए गए रियायती दामों का लाभ उठाते हुए भारतीय रिफाइनिंग कंपनियों ने रूसी कच्चे तेल की खरीदारी में खासी दिलचस्पी दिखाई है। पारंपरिक आपूर्ति स्रोतों पर निर्भरता को संतुलित करते हुए रूस से आयात बढ़ाना भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक हितों को बनाए रखने की एक व्यावहारिक रणनीति का हिस्सा है।
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