इस्लाम में खड़े होकर पेशाब करना: क्या यह जायज़ है?

इस्लाम में पेशाब करने का तरीका भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, क्योंकि इस्लाम न सिर्फ इबादत, बल्कि रोजमर्रा की ज़िंदगी के हर पहलू पर गाइडेंस देता है। कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या खड़े होकर पेशाब करना जायज़ है।

जी हाँ, इस्लाम में खड़े होकर पेशाब करने की इजाज़त है, लेकिन कुछ शर्तों के साथ। कई इस्लामी विद्वानों के मुताबिक, खड़े होकर पेशाब करना गलत नहीं है, बशर्ते कि यह किसी ऐसे अलग और निजी स्थान में किया जाए, जहाँ कोई और न देख सके। इसका मकसद अपने अवर (नंगापन) की हिफाजत करना है।

हालांकि, बहुत से विद्वान बैठकर पेशाब करने को बेहतर मानते हैं, क्योंकि यह ज्यादा स्वच्छ और नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की सुन्नत के करीब है। बैठने से न सिर्फ स्वच्छता बनी रहती है, बल्कि बिखराव का खतरा भी कम होता है।

इसलिए, खड़े होकर पेशाब करना जायज़ है, लेकिन निजता और संयम के साथ। फ

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