क्या भारत में भी मिलता है कच्चा तेल?

अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या भारत अपनी जरूरत का पेट्रोल खुद बनाता है या सब कुछ बाहर से मंगवाता है। सीधा जवाब यह है कि भारत में पेट्रोल का उत्पादन सीधे जमीन से नहीं होता, बल्कि इसके लिए कच्चा तेल (Crude Oil) आयात किया जाता है।

भारत अपनी ईंधन की भारी मांग को पूरा करने के लिए मुख्य रूप से चार बड़े देशों पर निर्भर है — इराक, संयुक्त राज्य अमेरिका (USA), नाइजीरिया और सऊदी अरब। इन देशों से जहाजों के जरिए कच्चा तेल भारत के समुद्री बंदरगाहों तक पहुंचाया जाता है।

जब यह कच्चा तेल देश में आता है, तब असली प्रक्रिया शुरू होती है। भारत की बड़ी रिफाइनरीज (Refineries) इस कच्चे तेल को साफ और प्रोसेस करती हैं। इसी रिफाइनिंग प्रोसेस के दौरान कच्चे तेल से पेट्रोल, डीजल, केरोसिन और एलपीजी जैसे उत्पाद तैयार किए जाते हैं।

हालांकि असम, गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों में कुछ मात्रा में घरेलू कच्चे तेल का निष्कर्षण होता है, लेकिन वह देश की विशाल खपत के सामने बेहद कम है। यही वजह है कि भारत की पेट्रोल व्यवस्था काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय बाजार और विदेशी आयात पर टिकी हुई है।

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