क्या नेपाल एक हिंदू राष्ट्र है?

दुनियाभर में नेपाल की पहचान अक्सर इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विशाल हिंदू आबादी से जुड़ी रही है। लेकिन अगर संवैधानिक और कानूनी तौर पर देखा जाए, तो नेपाल अब एक हिंदू राष्ट्र नहीं है। वर्ष 2006 के ऐतिहासिक जन आंदोलन के बाद वहां सदियों पुरानी राजशाही का अंत हुआ और देश में बड़े राजनीतिक बदलाव आए। इसी बदलाव के तहत, साल 2008 में नेपाल को आधिकारिक रूप से एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र (Secular State) घोषित कर दिया गया।

भले ही नेपाल का आधिकारिक दर्जा बदल गया हो, लेकिन इसका सामाजिक और सांस्कृतिक ताना-बाना आज भी पूरी तरह से सनातन परंपराओं में रचा-बसा है। आंकड़ों के अनुसार, नेपाल की अधिकतर आबादी हिंदू धर्म को मानती है, जिसके कारण वहां के जनजीवन, त्योहारों और रीति-रिवाजों में हिंदू संस्कृति की गहरी छाप दिखाई देती है। पशुपतिनाथ मंदिर जैसे पवित्र स्थल आज भी दुनिया भर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बड़ा केंद्र हैं।

संक्षेप में कहें तो, नेपाल अपनी कानून की किताब में एक धर्मनिरपेक्ष देश है जो सभी धर्मों को समानता और सम्मान देता है, लेकिन व्यावहारिक रूप से इसकी आत्मा और संस्कृति में हिंदू धर्म की झलक सबसे मजबूत है।

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