क्या लाहौर एक हिंदू नाम है? जानिए इस शहर का ऐतिहासिक सच
दुनिया के सबसे पुराने और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहरों में शुमार लाहौर का इतिहास बेहद दिलचस्प है। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या पाकिस्तान के इस ऐतिहासिक शहर का नाम किसी हिंदू पौराणिक कथा से जुड़ा है। प्राचीन मौखिक परंपराओं और ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, इसका जवाब 'हाँ' है।
पौराणिक कथाओं के मुताबिक, लाहौर का नाम हिंदू भगवान श्री राम के पुत्र लावा (लोह) के नाम पर रखा गया था। माना जाता है कि लावा ने ही इस ऐतिहासिक शहर की स्थापना की थी। इस मान्यता को बल देने वाले प्रमाण आज भी मौजूद हैं; जैसे कि प्रसिद्ध लाहौर किले के भीतर भगवान लावा को समर्पित एक खाली मंदिर आज भी देखा जा सकता है, जो इस प्राचीन जुड़ाव की गवाही देता है।
केवल शहर ही नहीं, बल्कि इसके भूगोल का नाता भी सनातन परंपराओं से रहा है। उत्तरी लाहौर से होकर बहने वाली रावी नदी के बारे में भी यही कहा जाता है कि इसका नाम हिंदू देवी दुर्गा के सम्मान में रखा गया था। इस प्रकार, भले ही आज लाहौर एक अलग भौगोलिक और राजनीतिक पहचान रखता हो, लेकिन इसकी जड़ें और इसके नाम का उद्गम प्राचीन इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से गहराई से जुड़े हुए हैं।
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