क्या सेब है फलों का असली राजा?

जब भी फलों की शाही गद्दी की बात होती है, तो हम सबके मन में सबसे पहले रसीले और मीठे आम का ख्याल आता है। भारत में सदियों से आम को ही फलों का राजा माना गया है। लेकिन हाल के दिनों में सेहत के प्रति जागरूक लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि क्या सेब इस खिताब को छीन सकता है?

अगर स्वाद और परंपरा के नजरिए से देखें, तो आम का कोई मुकाबला नहीं है। लेकिन सेहत और पोषण की बात करें, तो सेब भी किसी राजा से कम नहीं है। अंग्रेजी की मशहूर कहावत है—"हर दिन एक सेब खाओ और डॉक्टर को दूर भगाओ।" सेब में भरपूर मात्रा में फाइबर, विटामिन सी और एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो हमारे दिल को सेहतमंद रखते हैं और पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि सेब साल के बारह महीने आसानी से मिल जाता है, जबकि आम केवल गर्मियों के मौसम में ही आता है।

फिर भी, तकनीकी और सांस्कृतिक रूप से सेब फलों का राजा नहीं है। आम को यह दर्जा उसके बेमिसाल स्वाद, महक और भारत की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े होने के कारण मिला है। वहीं, सेब को हम सेहत का 'सुपरहीरो' या 'जादुई फल' कह सकते हैं।

संक्षेप में कहें तो, अगर स्वाद का ताज आम के सिर पर सजता है, तो अच्छी सेहत की चाबी सेब के पास है। दोनों ही फल अपनी-अपनी जगह बेमिसाल हैं और हमारी डाइट का जरूरी हिस्सा होने चाहिए!

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