गर्भावस्था में खून की सही मात्रा और इसका महत्व

गर्भावस्था के दौरान एक महिला के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं, जिनमें से सबसे महत्वपूर्ण है रक्त (ब्लड) का स्तर। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, एक स्वस्थ गर्भवती महिला के शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर औसतन 12 ग्राम (g/dL) होना चाहिए। यह मात्रा माँ और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।

आजकल स्वास्थ्य जांच के दौरान एक चिंताजनक बात सामने आ रही है। अधिकांश गर्भवती महिलाओं में खून की भारी कमी देखी जा रही है, जहां उनका हीमोग्लोबिन स्तर घटकर केवल 6 से 8 ग्राम के बीच रह जाता है। शरीर में खून की यह अत्यधिक कमी न केवल महिला को कमजोर बनाती है, बल्कि यह प्रसव (डिलीवरी) के दौरान कई जटिलताओं को भी जन्म देती है। वर्तमान समय में सिजेरियन या सर्जरी से डिलीवरी (C-section) होने का यह एक बहुत बड़ा और मुख्य कारण बन रहा है।

जब गर्भवती महिला के शरीर में खून (यानी हीमोग्लोबिन) कम होता है, तो गर्भस्थ शिशु तक ऑक्सीजन और आवश्यक पोषक तत्व सही मात्रा में नहीं पहुंच पाते। इसके कारण गर्भ में बच्चे का विकास सही तरीके से नहीं हो पाता और उसका वजन भी सामान्य से कम रह सकता है। समय रहते इस कमी को दूर करना बेहद आवश्यक है। इसके लिए गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर की सलाह पर आयरन सप्लीमेंट्स लेने चाहिए और अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, अनार, चुकंदर, खजूर, दालें और गुड़ जैसी आयरन से भरपूर चीजों को अनिवार्य रूप से शामिल करना चाहिए।

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