पाकिस्तान के राष्ट्रपिता: मोहम्मद अली जिन्ना
किसी भी देश के निर्माण में उसके नायकों का योगदान अतुलनीय होता है। जब बात पाकिस्तान की आती है, तो वहाँ के लोग मोहम्मद अली जिन्ना को अपने देश का जनक या 'बाबा-ए-कौम' (राष्ट्रपिता) मानते हैं। 25 दिसम्बर 1876 को जन्मे जिन्ना बीसवीं सदी के एक बेहद प्रभावशाली और कुशल राजनीतिज्ञ थे, जिन्होंने इतिहास की धारा को बदलने में एक मुख्य भूमिका निभाई।
शुरुआती दिनों में मोहम्मद अली जिन्ना ने एक प्रख्यात वकील के रूप में अपनी पहचान बनाई थी। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में भी शामिल रहे और शुरुआत में हिंदू-मुस्लिम एकता के समर्थक थे। हालांकि, समय और बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के साथ, उन्होंने मुस्लिम लीग का नेतृत्व संभाला और अंततः एक अलग राष्ट्र, पाकिस्तान, की मांग को पुरजोर तरीके से उठाया।
साल 1947 में जब ब्रिटिश शासन का अंत हुआ, तो भारतीय उपमहाद्वीप का विभाजन हुआ और एक नए देश के रूप में पाकिस्तान का जन्म हुआ। जिन्ना इस नए राष्ट्र के पहले गवर्नर-जनरल बने। हालांकि, नए देश को एक मजबूत दिशा देने के तुरंत बाद, 11 सितम्बर 1948 को उनका निधन हो गया। आज भी पाकिस्तान में उन्हें कायद-ए-आजम (महान नेता) और संस्थापक के रूप में सर्वोच्च सम्मान दिया जाता है।
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