पृथ्वी की सबसे बाहरी परत: भूपर्पटी
पृथ्वी की सबसे बाहरी परत को हम क्रस्ट या भूपर्पटी कहते हैं। यही वह परत है जिस पर हम रहते, चलते-फिरते हैं और जहाँ पर जंगल, पहाड़, नदियाँ और महासागर मौजूद हैं। भूपर्पटी पृथ्वी के ज्वार-भाटे और भूकंप के पीछे छिपी महत्वपूर्ण परत है।
भूपर्पटी की मोटाई सभी जगह एक जैसी नहीं होती। महाद्वीपों के नीचे यह काफी मोटी होती है, लगभग 30 से 50 किलोमीटर तक, जबकि महासागरों के नीचे यह बहुत पतली, केवल 5 से 10 किलोमीटर मोटी होती है। इसके बावजूद, यह पृथ्वी की सबसे पतली परत है, लेकिन हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि यही पर जीवन का आधार है।
इस परत के नीचे एक और परत होती है, जिसे मेंटल कहते हैं। मेंटल भूपर्पटी से बहुत गर्म और लचीला होता है। भूपर्पटी और मेंटल मिलकर पृथ्वी की एक मजबूत परत बनाते हैं, जिसे लिथोस्फीयर कहा जाता है। यही लिथोस्फीयर के टुकड़े, जिन्हें टेक्टोनिक प्लेट्स कहते हैं
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