इस्लाम की शुरुआत: पैगंबर मुहम्मद का संदेश

इस्लाम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना 7वीं शताब्दी में हुई, जब लगभग 613 ईस्वी में पैगंबर मुहम्मद ने मक्का में लोगों को एक ईश्वर (अल्लाह) की उपासना और नैतिक जीवन का संदेश देना शुरू किया। यही काल इस्लाम के आधिकारिक आरंभ का समय माना जाता है।

मुहम्मद साहब को मुसलमानों के अनुसार अल्लाह के अंतिम दूत माना जाता है। उन्हें पहले गुफा-ए-हिरा में दिव्य दृष्टि मिली, जहाँ उन्हें फरिश्ते जिब्राइल द्वारा कुरान की पहली आयतें प्रकट की गईं। इसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे अपने समाज में एकत्ववाद, न्याय, और गरीबों के प्रति जिम्मेदारी का संदेश फैलाना शुरू किया।

शुरुआत में उनके इस संदेश को कुछ लोगों ने स्वीकार किया, जिनमें उनकी पत्नी खदीजा और दोस्त अबू बकर प्रमुख थे। लेकिन धीरे-धीरे इस नए संदेश ने मक्का के सामाजिक ढांचे पर प्रभाव डालना शुरू कर दिया। धार्मिक और आर्थिक हितों के टकराव के कारण उनका विरोध

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