फसलों के प्रकार
भारत में खेती मुख्य रूप से मौसम और बोआई के समय पर निर्भर करती है। बोआई के आधार पर फसलों को मुख्य रूप से तीन भागों में बांटा गया है: खरीफ, रबी और जायद की फसलें। ये तीनों श्रेणियां क्रमशः बारिश, सर्दी और गर्मी के मौसम से जुड़ी होती हैं।
खरीफ की फसलें वर्षा ऋतु में बोई जाती हैं। चूँकि इस समय मानसून सक्रिय होता है, इसलिए इन फसलों को बढ़ने के लिए बहुत अधिक पानी की आवश्यकता होती है। धान, ज्वार, बाजरा, मक्का और कपास इसके प्रमुख उदाहरण हैं। इन फसलों को आमतौर पर जुलाई और अगस्त के महीनों में बोया जाता है और सर्दी की शुरुआत यानी नवंबर के आसपास काट लिया जाता है।
इसके विपरीत, रबी की फसलें ठंड के मौसम में उगाई जाती हैं, जिन्हें अक्टूबर-नवंबर में बोकर मार्च-अप्रैल में काटा जाता है—जैसे गेहूँ और चना। वहीं, मार्च से जून के बीच आने वाले गर्म ग्रीष्मकाल में जायद की फसलें ली जाती हैं, जिनमें ककड़ी, तरबूज और खरबूजे जैसी मौसमी सब्जियां और फल शामिल होते हैं जो कम समय में तैयार हो जाते हैं।
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।