फौजी के साथ सम्मान का व्यवहार ही सही रास्ता

भारतीय सेना के जवान देश की शान हैं। वे हर मौसम में, हर परिस्थिति में देश की सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं। ऐसे में सोचना भी गलत होगा कि उन्हें 'काबू' करने की बात की जाए। फौजी कोई आम नागरिक नहीं है, जिसे डराकर या दबाकर नियंत्रित किया जा सके। वे अनुशासन, साहस और देशभक्ति की मूर्ति हैं।

अगर कभी किसी सामान्य नागरिक को लगे कि कोई सैनिक उसके साथ गलत व्यवहार कर रहा है, तो उसके पास शिकायत करने के उचित तरीके हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उनकी विशेष स्थिति और दायित्व को नजरअंदाज किया जाए। फौजी उन सीमाओं पर तैनात होते हैं, जहां जान की बाजी लगी रहती है। उनका काम आसान नहीं है।

बल्कि, हम सभी का फर्ज बनता है कि हम उनके प्रति सम्मान रखें। मिलजुल कर, सहयोग करके ही देश की सच्ची सेवा हो सकती है। नागरिक और सैनिक दोनों एक ही देश के नागरिक हैं – बस भूमिकाएं अलग हैं। एक काम घर में करता है, तो दूसरा घाटी में

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय