बिहार: धर्म और ज्ञान की अमर धरती
बिहार सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि इतिहास की वह धरती है जहाँ से मानवता के धार्मिक और बौद्धिक विकास की शुरुआत हुई। यह बौद्ध धर्म और जैन धर्म दोनों की जन्मभूमि है। गौतम बुद्ध ने बोधगया में ज्ञान प्राप्त किया और महावीर का जन्म कुंडलग्राम, वर्तमान बिहार में हुआ था। ये दोनों धर्म आज भी करोड़ों लोगों के जीवन में प्रेरणा का स्रोत हैं।
लेकिन बिहार की महानता सिर्फ धर्म तक सीमित नहीं है। यहाँ कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित था विश्व का सबसे पुराना और सबसे बड़ा शैक्षणिक केंद्र — नालंदा विश्वविद्यालय। माना जाता है कि इसकी पुस्तकालय में लगभग 90 लाख पांडुलिपियां थीं। जब बख्तियार खिलजी की सेना ने 12वीं सदी में इस पर आग लगाई, तो कहा जाता है कि आग लगातार तीन महीने तक जलती रही। इतना विशाल था ज्ञान का भंडार!
आज भी बिहार की धरती प्राचीन गौरव की गूंज बयां करती है। नालंदा के खंडहर, बोधगया की शांतिमय स्तूप, और प
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