बेटियों की शादी की कानूनी उम्र: जानिए क्या है नियम

भारत में बेटियों की शादी की कानूनी उम्र को लेकर 1978 में एक महत्वपूर्ण सुधार हुआ। तब लड़कियों के लिए शादी की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और लड़कों के लिए 21 वर्ष निर्धारित की गई। यह निर्णय बाल विवाह को रोकने और लड़कियों के स्वास्थ्य, शिक्षा तथा सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया था।

इसके बाद, 2006 में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (PCMA) लागू किया गया, जो बाल विवाह को सख्ती से गैरकानूनी घोषित करता है। इस कानून के तहत, अगर कोई 18 साल से कम उम्र की लड़की की शादी कराता है, तो उसे कानूनी सजा हो सकती है। यह कानून न केवल दुल्हे और माता-पिता, बल्कि शादी कराने वाले अधिकारी या समारोह में शामिल होने वालों पर भी लागू होता है।

हालांकि कानून स्पष्ट है, लेकिन आज भी कुछ ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में परंपराओं के चलते बाल विवाह होते हैं। सरकार और गैर-सरकारी संगठन लगातार जागरूकता

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