क्या भगवान शिव की मृत्यु हुई थी?
भगवान शिव के बारे में एक सामान्य सवाल यह उठता है कि उनकी मृत्यु कैसे हुई? लेकिन शिव पुराण और अन्य धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, भगवान शिव को स्वयंभू माना गया है, यानी उनका कोई जन्म नहीं हुआ था और न ही उनकी मृत्यु हुई है।
शिव अर्थात् वह जो सबको सृष्टि, स्थिति और संहार के चक्र में बनाए रखते हैं। वे त्रिदेवों में से एक हैं — ब्रह्मा (सृजन), विष्णु (पालन) और महादेव (संहार)। लेकिन यहाँ "संहार" का अर्थ मृत्यु नहीं, बल्कि पुनर्जन्म और परिवर्तन है।
शिव को महाकाल कहा गया है — वह जो काल (समय) से परे हैं। वे न तो जन्मते हैं, न मरते हैं। वे तो अनादि और अनंत हैं। उनकी उपासना लिंग रूप में भी इसी अनंतता का प्रतीक है।
कई कथाओं में शिव के तपस्या, विनाश या रोष के प्रसंग आते हैं, जैसे त्रिपुर संहार या अंडकांड का विनाश, लेकिन ये सब उनकी शक्ति और धर्म की स्थापना के लिए हैं, मृत्यु के लिए नहीं।
इसलिए, शिव जन्म-म
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