भगवान हमारी परीक्षा क्यों लेते हैं?

कई बार जीवन में ऐसे क्षण आते हैं, जब हम सोचने लगते हैं कि भगवान हमसे क्यों दूर हो गए हैं। घर में तूफान चल रहा हो, स्वास्थ्य खराब हो, या मन भर कर आंसू बह रहे हों—तब लगता है कि ईश्वर ने हमें भूल दिया। लेकिन सच तो यह है कि जब भगवान किसी को विशेष रूप से अपना बनाना चाहते हैं, तो सबसे पहले उसकी परीक्षा लेते हैं।

भक्ति में विश्वास की परख होती है।

जैसे कृपा के सागर भगवान अपने भक्त पर दया बरसाते हैं, तो कभी-कभी उसका सब कुछ छीन लेते हैं। न कि दुख देने के लिए, बल्कि इसलिए कि वह भक्त केवल उन्हीं में डूब जाए। जब सब कुछ छिन जाता है, तब मनुष्य केवल भगवान की ओर मुड़ता है।

भगवान की परीक्षा इसलिए भी लेते हैं ताकि हमारा धैर्य, विश्वास और प्रेम सचाई में परखा जा सके। भक्त तो मन को संभाल लेता है, आंसू रोक नहीं पाता—लेकिन फिर भी भगवान के नाम पर अडिग रहता है। यही सच्ची भक्ति है।

इसलिए, जब भी कष्ट आएं, समझें कि भ

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