भारत और पाकिस्तान की भौगोलिक सीमा: एक संक्षिप्त परिचय

भारत और पाकिस्तान दो ऐसे पड़ोसी देश हैं जिनका इतिहास, संस्कृति और भूगोल एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। भौगोलिक दृष्टि से, दोनों देशों के बीच की संयुक्त साझा सीमा लगभग 3,310 किलोमीटर लंबी है। यह सीमा रेखा दुनिया की सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सीमाओं में से एक मानी जाती है।

यह विशाल सीमा भारत के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पाकिस्तान के विभिन्न प्रांतों से जोड़ती है। इनमें जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, राजस्थान और गुजरात शामिल हैं। सीमा का हर हिस्सा अपनी एक अलग भौगोलिक विशेषता रखता है; जहाँ पंजाब में उपजाऊ मैदानी इलाके हैं, वहीं राजस्थान में थार का विशाल मरुस्थल और गुजरात में कच्छ का दलदली रन आता है। उत्तर में कश्मीर की बर्फीली और पहाड़ी चोटियाँ इस सीमा को और भी जटिल बनाती हैं।

इस अंतरराष्ट्रीय सीमा को मुख्य रूप से रेडक्लिफ रेखा (Radcliffe Line) के नाम से जाना जाता है, जिसे 1947 में विभाजन के समय तय किया गया था। इसके अलावा, कश्मीर में दोनों देशों के बीच की वास्तविक नियंत्रण रेखा को एलओसी (Line of Control) कहा जाता है। इन सीमाओं पर अटारी-वाघा जैसी चौकियाँ भी हैं, जहाँ होने वाली दैनिक सैन्य परेड दोनों देशों के नागरिकों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहती है। यह सीमा न केवल दोनों देशों की संप्रभुता की रक्षा करती है, बल्कि दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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