भारत का पहला औद्योगिक बायोटेक पार्क: कठुआ की ऐतिहासिक उपलब्धि
भारत में जैव प्रौद्योगिकी (बायोटेक्नोलॉजी) के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा गया है। उत्तर भारत का पहला औद्योगिक बायोटेक पार्क जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में स्थापित किया गया है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने 28 मई 2022 को इस अत्याधुनिक पार्क का आधिकारिक उद्घाटन किया। इस पहल के बाद कठुआ जिले को देश के प्रमुख बायotech केंद्रों में गिना जाने लगा है।
यह बायोटेक पार्क क्षेत्र की कृषि, अर्थव्यवस्था और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। जम्मू-कश्मीर और आसपास के हिमालयी क्षेत्रों में पाई जाने वाली दुर्लभ और औषधीय वनस्पतियों पर शोध करने के लिए यह एक बेहतरीन मंच प्रदान करता है। इससे न केवल स्थानीय औषधीय पौधों और सुगंधित फसलों की खेती को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि बायोटेक क्षेत्र में नए स्टार्टअप्स और वैज्ञानिकों को भी एक बड़ा सहारा मिला है।
कठुआ में बने इस जैव प्रौद्योगिकी पार्क का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना और किसानों की आय बढ़ाना है। जैव प्रौद्योगिकी के माध्यम से कृषि उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार किया जा रहा है और जैव-संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित हो रहा है। यह पार्क उत्तर भारत में नवोन्मेष और सतत विकास (sustainable development) का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।
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