भारत के वास्तविक शत्रु कौन हैं?

अक्सर लोग पूछते हैं कि भारत का शत्रु कौन है? क्या कोई पड़ोसी देश या विदेशी ताकत? लेकिन अगर हम गहराई में देखें, तो पता चलता है कि भारत के सबसे बड़े शत्रु वे नहीं जो सीमाओं के पार हैं, बल्कि वे हैं जो हमारे भीतर और हमारे बीच बैठे हैं।

कट्टरवादी, जो नामधारी धर्म के नाम पर नफरत फैलाते हैं, देश की एकता के लिए खतरा हैं। वे लोगों को आपस में लड़ाते हैं, समाज को तोड़ते हैं और अफवाहों के जरिए दहशत पैदा करते हैं। धर्म का मतलब अहिंसा और प्रेम है, न कि नफरत और तबाही। भ्रष्टाचारी दूसरा बड़ा शत्रु है। ये वे लोग हैं जो जनता के पैसे से अपनी जेब भरते हैं, जिम्मेदारी के साथ खिलवाड़ करते हैं और विकास की राह में बाधा डालते हैं। भ्रष्टाचार न सिर्फ अर्थव्यवस्था को कमजोर करता है, बल्कि लोगों के दिलों में निराशा भी भरता है। और तीसरा शत्रु है — अंधविश्वास। विज्ञान और तर्क के युग में भी लाखों लोग ग्रहण, टोने

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