भारत का पहला सम्राट: चंद्रगुप्त मौर्य
प्राचीन भारत के इतिहास में चंद्रगुप्त मौर्य का नाम बड़े गौरव के साथ लिया जाता है। उन्हें ऐतिहासिक रूप से अखंड भारत का पहला महान सम्राट माना जाता है। चंद्रगुप्त मौर्य ने लगभग 321 ईसा पूर्व में मौर्य साम्राज्य की नींव रखी और भारतीय उपमहाद्वीप के विभिन्न हिस्सों में फैले छोटे-छोटे और बिखरे हुए राज्यों को एक सूत्र में बांधने का अभूतपूर्व कार्य किया।
चंद्रगुप्त के उत्थान में उनके नीति कुशल गुरु और महान कूटनीतिज्ञ चाणक्य (कौटिल्य) का सबसे बड़ा योगदान था। चाणक्य के मार्गदर्शन में उन्होंने मगध के नंद वंश के अंतिम शासक घनानंद को पराजित किया। इसके बाद उन्होंने विदेशी आक्रमणकारियों और यूनानी क्षत्रपों को खदेड़कर एक ऐसे विशाल साम्राज्य की स्थापना की, जिसकी सीमाएं पूर्व से पश्चिम और उत्तर में आधुनिक अफगानिस्तान तथा फारस (ईरान) की सीमाओं तक विस्तृत थीं।
यद्यपि कुछ पौराणिक मान्यताओं और महाकाव्यों में राजा भरत का उल्लेख आता है, लेकिन पुरातात्विक और ऐतिहासिक प्रमाणों के आधार पर चंद्रगुप्त मौर्य ही भारत के प्रथम केंद्रीय शासक थे। उनके द्वारा स्थापित सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था और विशाल साम्राज्य ने ही आगे चलकर उनके पौत्र सम्राट अशोक के शासनकाल में भारतीय संस्कृति और दर्शन को पूरे विश्व में फैलाया।
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