मुहम्मद बिन तुगलक: पागल राजा या दूरदर्शी शासक?
मुहम्मद बिन तुगलक को इतिहास में अक्सर 'पागल राजा' के नाम से जाना जाता है। लेकिन क्या वाकई वे पागल थे या बस उनके नवाचारों को समय ने नहीं समझा? दरअसल, उनके कई ऐतिहासिक फैसले जैसे दिल्ली से राजधानी को दौलताबाद स्थानांतरित करना, दोआब में विशेष कर वसूली का प्रयोग, कांगड़ा पर आक्रमण और सांकेतिक मुद्रा (टोकन करेंसी) की शुरुआत – सभी व्यावहारिक रूप से असफल रहे।
लेकिन यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ये सभी प्रयोग एक दूरदर्शी दिमाग के थे। उनकी टोकन करेंसी तो आज के पेपर करेंसी की तरह थी, लेकिन उस समय के साधनों और जनता की समझ के अभाव में यह विफल रही। राजधानी स्थानांतरण भी रणनीतिक दृष्टि से सही था, लेकिन लोगों को ले जाने की व्यवस्था न होने के कारण यह एक त्रासदी बन गया।
इसलिए, कहना उचित होगा कि मुहम्मद बिन तुगलक शायद 'पागल' नहीं, बल्कि अपने समय से आगे का सोच रखने वाला एक ऐसा शासक था, जिसके विच
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