भारत में औद्योगिक विकास: बढ़ रही हैं फैक्ट्रियां

देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में औद्योगिक क्षेत्र की हमेशा से बड़ी भूमिका रही है। बीते कुछ वर्षों में भारत में विनिर्माण और उत्पादन गतिविधियों में काफी तेजी देखी गई है, जिससे नए-नए रोजगार और व्यापार के अवसर पैदा हो रहे हैं।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के आंकड़ों पर नजर डालें तो देश में फैक्ट्रियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वित्तवर्ष 2013-14 के अंत तक भारत में कुल 2,24,576 फैक्ट्रियां काम कर रही थीं। वहीं, महज दो सालों के भीतर यानी वित्तवर्ष 2015-16 के अंत तक यह आंकड़ा बढ़कर 2,33,116 पर पहुंच गया। इस प्रकार इस अवधि में देश में 8,000 से भी ज्यादा नई फैक्ट्रियां स्थापित हुईं।

उद्योगों के इस विस्तार से न केवल देश का उत्पादन बढ़ा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार भी मिला है। बुनियादी ढांचे में सुधार, 'मेक इन इंडिया' जैसी पहलों और सरकारी नीतियों के कारण देश के छोटे-बड़े शहरों में औद्योगिक इकाइयों को बढ़ावा मिल रहा है। बुनियादी विनिर्माण से लेकर आधुनिक तकनीक वाले क्षेत्रों तक, भारत लगातार आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

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