1971 में रूस ने भारत का साथ कैसे दिया?
1971 का युद्ध भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ था। तब बांग्लादेश में निर्ममता के खिलाफ भारत ने मजबूत खड़ाव अपनाया, लेकिन पाकिस्तान के साथ छिड़ने वाले युद्ध में भारत को अकेले लड़ना नहीं पड़ा। इसी साल, 9 अगस्त, 1971 को भारत और सोवियत संघ (जिसे आज रूस कहा जाता है) ने 'शांति और मैत्री की संधि' पर हस्ताक्षर किए। यह संधि सिर्फ औपचारिकता नहीं थी, बल्कि एक मजबूत राजनयिक और सैन्य समर्थन का प्रतीक थी।
जब पाकिस्तान ने तीन दिसंबर 1971 को भारत पर हमला किया, तो रूस ने तुरंत भारत का साथ दिया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में, अमेरिका और चीन पाकिस्तान के साथ खड़े हुए, लेकिन रूस ने वीटो पावर का इस्तेमाल करके भारत के खिलाफ कोई प्रस्ताव पारित होने से रोक दिया। यह कदम निर्णायक साबित हुआ।
इसके अलावा, रूस ने भारत को आधुनिक हथियार, लड़ाकू विमान और सैन्य उपकरणों की आपूर्ति जारी रखी। इससे भ
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