भारत में बढ़ती अरबपतियों की संख्या और संपत्ति का नया दौर

पिछले कुछ वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। इनमें से सबसे दिलचस्प बदलाव देश में लगातार बढ़ रही अमीर और सुपर-रिच लोगों की संख्या है। वैश्विक स्तर पर देखा जाए तो अरबपतियों के मामले में भारत आज दुनिया के शीर्ष देशों की कतार में खड़ा है। फिलहाल, अमेरिका और चीन के बाद भारत दुनिया में तीसरे नंबर पर आता है, जो देश की बदलती आर्थिक ताकत को दर्शाता है।

दिलचस्प बात यह है कि जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी के संकट से जूझ रही थी, उस कठिन दौर में भी भारत में धनकुबेरों की संपत्ति और उनकी तादाद में काफी अच्छी तेजी दर्ज की गई। रिपोर्टों के अनुसार, साल 2021 में देश के अल्ट्रा हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (UHNWI), यानी बेहद अमीर लोगों की संख्या में 11 फीसदी की भारी बढ़त देखी गई थी।

अगर आंकड़ों पर नजर डालें, तो साल 2020 में भारत में ऐसे रईसों की संख्या जहां 12,287 थी, वहीं साल 2021 के खत्म होने तक यह आंकड़ा बढ़कर 13,637 पर पहुंच गया था। यह इजाफा यह साफ करता है कि भारतीय बाजार और उद्यमियों में विपरीत परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने का जबरदस्त जज्बा है। स्टार्टअप्स की बाढ़, शेयर बाजार में उछाल और डिजिटल क्रांति ने भी भारत में नए अरबपतियों को जनम दिया है, जिससे वैश्विक मंच पर देश का रूतबा लगातार मजबूत हो रहा है।

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